डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले— शब्दों की मर्यादा भूल गए भूपेश बघेल
रायपुर।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से किए जाने पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बयान के सामने आते ही जहां सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं साहू समाज भी आक्रोशित हो गया है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
दरअसल, तीन दिन पहले बिलासपुर के लिंगियाडीह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनकी तुलना उछल-कूद करने वाले बंदर से की थी। उन्होंने कहा था कि दो वर्षों में अरुण साव केवल 950 मीटर सड़क ही बनवा पाए हैं और किसी भी मुद्दे पर ठोस काम नहीं कर सके। अब इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राजनीति में शब्दों की मर्यादा होनी चाहिए। भूपेश बघेल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अक्षम्य है। राजनीतिक आलोचना अपनी जगह है, लेकिन मर्यादित भाषा सभी को अपनानी चाहिए।
विवाद पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल बड़े नेता हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि शब्दों की एक सीमा होती है। विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने भ्रष्टाचार में भी कोई सीमा नहीं समझी और ऐसा भ्रष्टाचार किया जो पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में भी नवाचार किया गया।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी के परिवार पर टिप्पणी की जाए तो भूपेश बघेल को भी अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की राजनीति किसी को गिराने की नहीं, बल्कि गिरे हुए को उठाने की है।
बयान के बाद साहू समाज ने भी नाराज़गी जताते हुए इसे समाज का अपमान बताया है और उचित कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। राजनीतिक बयानबाज़ी के इस नए दौर ने प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है।
