दुर्ग। जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में कथित तौर पर खुलेआम कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना कमीशन दिए ठेकेदारों के बिल पास नहीं किए जाते। इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में पीएचई विभाग पाटन के एसडीओ एम. ए. खान को कथित रूप से अपने कार्यालय कक्ष में पैसे लेते हुए दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में करीब 11 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। कमीशनखोरी से परेशान एक ठेकेदार ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सार्वजनिक हो चुका है।
आरोप है कि एसडीओ ने ठेकेदार से स्पष्ट रूप से कहा कि यदि जल जीवन मिशन में काम करना है तो कमीशन देना अनिवार्य होगा। इस मामले में केवल वरिष्ठ अधिकारी ही नहीं, बल्कि अधीनस्थ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता उत्कर्ष पांडे ने जांच कराए जाने की बात कही है। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह जांच निष्पक्ष होगी और क्या वास्तव में विभाग में चल रहे कथित कमीशनखोरी के खेल पर रोक लगेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन इस तरह के आरोप योजना की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
