रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का नोटिफिकेशन राज्य सरकार के गृह विभाग ने जारी कर दिया है। 23 जनवरी से यह व्यवस्था प्रभावी होगी। करीब 19 लाख की आबादी वाले शहर के 21 थानों को कमिश्नरी सिस्टम के तहत शामिल किया गया है। इसके साथ ही 1 पुलिस आयुक्त सहित कुल 37 वरिष्ठ पदों का सृजन किया गया है।
सरकार ने रायपुर ग्रामीण क्षेत्र को कमिश्नरेट से अलग रखा है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग से पुलिस अधीक्षक (एसपी) की नई पदस्थापना की जाएगी। रायपुर ग्रामीण में शामिल 12 थानों में पुरानी पुलिस व्यवस्था ही लागू रहेगी।
अब राजधानी की कानून-व्यवस्था की पूरी कमान पुलिस कमिश्नर के हाथ में होगी। उन्हें सभा, जुलूस और धरना की अनुमति देने, कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर धारा 144 लगाने, जेल में गड़बड़ी या सुरक्षा चूक पर सीधे कार्रवाई करने, कैदियों को पैरोल देने, अवैध जहर बिक्री पर तलाशी और कार्रवाई करने, देह व्यापार से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी भी पुलिस कमिश्नर के पास होगी। कौन सा वाहन कहां चलेगा और कहां पार्किंग होगी, इसका निर्णय वही करेंगे। गैरकानूनी संगठनों से जुड़ी जमीन और मकानों पर कार्रवाई, गोपनीय मामलों में तलाशी के आदेश, पशु अतिक्रमण पर कार्रवाई और जिला बदर जैसी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई भी अब पुलिस कमिश्नर कर सकेंगे।
अधिसूचना के अनुसार पुलिस आयुक्त को छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007, शस्त्र अधिनियम 1959, भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, कोलाहल एवं भीड़ नियंत्रण कानून और नागरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत शक्तियां दी गई हैं।
कमिश्नरेट व्यवस्था से रायपुर ग्रामीण जिला बाहर रहेगा। इसके अंतर्गत बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद, रायगढ़ और अन्य ग्रामीण थाना क्षेत्र शामिल रहेंगे, जहां पुलिस व्यवस्था पुरानी प्रणाली के तहत ही संचालित होगी।
