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बजट 2026: टैक्स राहत से लेकर रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सरकार का ग्रोथ रोडमैप


नई दिल्ली।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। इस बजट का उद्देश्य मध्यम वर्ग को राहत, रोजगार सृजन, MSME को मजबूती और आर्थिक विकास की गति बनाए रखना बताया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट विकास, समावेशन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।


इनकम टैक्स में ऐतिहासिक राहत देते हुए सरकार ने नए टैक्स रिजीम के तहत कर-मुक्त आय की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी है। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलने से सैलरीड वर्ग को और राहत मिलेगी। नए टैक्स स्लैब के अनुसार 0 से 4 लाख रुपये तक आय पर कोई कर नहीं लगेगा, 4 से 8 लाख रुपये पर 5 प्रतिशत, 8 से 12 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 12 से 16 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 20 से 24 लाख रुपये पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपये से अधिक आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा। सरकार का मानना है कि इससे मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी, खर्च में वृद्धि होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।


बजट 2026 में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। स्टार्टअप्स और नए उद्योगों को बढ़ावा देकर स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।


सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सरकार ने इनके लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। MSME ग्रोथ फंड की स्थापना की जाएगी। छोटे उद्योगों को आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम का विस्तार किया जाएगा। घरेलू उत्पादन बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहन देने के उपाय किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत MSME सेक्टर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए बजट में पूंजीगत व्यय को और बढ़ाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं पर निवेश बढ़ाया जाएगा। नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह और जलमार्ग विकास पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था में बहुगुणक प्रभाव देखने को मिलेगा।


बजट में किसानों और ग्रामीण भारत को भी प्राथमिकता दी गई है। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी। सिंचाई, फसल विविधीकरण और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाएगा। किसान कल्याण और आय बढ़ाने की दिशा में सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।


सामाजिक क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को अहम स्थान दिया गया है। युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक की व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच का विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।


वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए विकास का रास्ता अपनाएगी। बजट में निवेश और सामाजिक खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।


कुल मिलाकर बजट 2026 को ऐसा बजट माना जा रहा है जो मध्यम वर्ग को राहत, युवाओं को अवसर, उद्योगों को प्रोत्साहन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देकर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का रोडमैप पेश करता है।

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