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आज़ादी से पूर्व विभिन्न प्रदेशों से आए समाजजन सेवा एवं समर्पण से छत्तीसगढ़ की धरा में रचे-बसे — संयुक्त राज्य स्थापना दिवस पर दिखी सांस्कृतिक एकता


रायपुर स्थित लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडप में आंध्रप्रदेश, पंजाब, झारखंड, नागालैंड, हरियाणा एवं चंडीगढ़ सहित छह राज्यों का स्थापना दिवस संयुक्त रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

“एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना से प्रेरित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, प्रांत प्रमुखों एवं समाजजनों ने सहभागिता कर अपनी-अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं विरासत का परिचय प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम में आंध्र एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. स्वामी, पंजाब की ओर से अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, हरियाणा सेवा संघ के सतबीर सिंह तंवर, झारखंड प्रतिनिधि के रूप में दलबजीत सिंह सलूजा तथा नागालैंड की प्रतिनिधि के रूप में नववासी कल्याण आश्रम से जुड़ी बालिकाओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही।


विभिन्न प्रांत प्रमुखों ने अपने संबोधन में बताया कि उनके समाजजन आज़ादी से पूर्व छत्तीसगढ़ आए और सेवा, व्यापार, शिक्षा एवं सामाजिक कार्यों के माध्यम से प्रदेश के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं।


इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल रमन डेका, राज्यपाल के सचिव तथा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा एवं नृत्य की सुंदर झलक देखने को मिली, जिसने विविधता में एकता का सशक्त संदेश दिया।


वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन राज्यों के मध्य भावनात्मक एकात्मता को सुदृढ़ करते हैं तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को साकार करने की दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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