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धरसींवा की आवाज़ अनुज ने कहा : “आधा बजट दो, फिर पाँच साल छुट्टी लो!”

रायपुर । होस । गुलाल अखबार।
अनुज शर्मा ने विधानसभा में ऐसा तीर छोड़ा कि पूरा सदन कुछ पल के लिए सन्न रह गया और फिर ठहाकों से गूंज उठा।

बजट सत्र के दौरान जैसे ही वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने अपना भाषण समाप्त कर “धन्यवाद” कहा, तभी अचानक धरसींवा विधायक अपनी सीट से ऐसे उठे मानो अभी-अभी उन्हें विकास का दिव्य संदेश मिला हो।

उन्होंने पूरी गंभीरता से कहा—
“मेरा विधानसभा क्षेत्र बेहद पिछड़ा और अति गरीब है। मूलभूत सुविधाओं के लिए हमें इस साल का आधा बजट दे दीजिए। उसके बाद सरकार चाहे तो पूरे कार्यकाल में एक रुपया भी मत दीजिए… हमें कोई शिकायत नहीं होगी!”
इतना सुनते ही सदन में हलचल मच गई। कुछ विधायकों ने सिर पकड़ लिया, कुछ ने कैलकुलेटर निकालने की कोशिश की और बाकी ने सोचा—अगर आधा बजट एक जगह चला गया तो उनके क्षेत्रों में नाली की जगह अब कल्पना बहानी पड़ेगी।


धरसींवा विधायक का तर्क भी कम दिलचस्प नहीं था। उनका कहना था कि “एक बार में पूरी मरम्मत हो जाए तो बार-बार पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” यानी विकास भी “वन टाइम सेटलमेंट” मॉडल पर!

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सूत्र बताते हैं कि कुछ मंत्रियों ने मज़ाक में कहा—“अगर ऐसा हो गया तो अगले साल का बजट सिर्फ धरसींवा एक्सप्रेस, धरसींवा एयरपोर्ट और धरसींवा स्मार्ट सिटी के नाम होगा!”
सदन में माहौल कुछ देर तक ऐसा रहा मानो लॉटरी का नंबर निकल गया हो—बस टिकट एक ही विधायक के हाथ में था।

हालांकि प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ, लेकिन अनुज शर्मा ने यह जरूर जता दिया कि धरसींवा की आवाज़ अब “माइक ऑन” मोड में है।

अब देखना यह है कि सरकार बजट को समान रूप से बांटेगी या धरसींवा को “जैकपॉट विकास योजना” का दर्जा मिलेगा।

फिलहाल तो विधानसभा में यह चर्चा जोरों पर है कि अगली बार कोई विधायक पूरा बजट ही न मांग ले!

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