रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और आखिरकार विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक ओंकार साहू ने मामला उठाते हुए पूछा कि पिछले तीन वर्षों में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए गए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा पाए जाने पर परिवहन विभाग ने कितने प्रकरण दर्ज किए और उनसे कितनी राशि की वसूली की गई।
इस पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि बिना भौतिक परीक्षण के किसी भी वाहन को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालन के कुल 77,810 प्रकरण बनाए गए हैं, जिनमें 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये की वसूली की गई है।
मामले पर पूरक प्रश्न करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री द्वारा मांगी गई जानकारी पूरी तरह नहीं दी गई है और विभाग से लिखित जवाब भी नहीं आया है। उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पूरी जानकारी नहीं दी गई तो विपक्ष बहिष्कार करेगा।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्न पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन धमकी देना उचित नहीं है।
जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने मंत्री पर विभाग पर नियंत्रण नहीं होने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
