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विधानसभा में गौवंश, अलसी बीज और मंदिर जीर्णोद्धार पर हंगामा



रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन प्रश्नकाल के दौरान गौवंश, दुग्ध उत्पादन, अलसी बीज वितरण और मंदिरों के जीर्णोद्धार जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस हुई। पशुपालन एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सवालों का सामना करना पड़ा।


प्रश्नकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की संख्या, दुग्ध उत्पादन और कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों को लेकर सवाल उठाए। मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि 20वीं पशु गणना 2019 के अनुसार राज्य में 99.84 लाख गौवंशीय पशु हैं, लेकिन दुग्ध उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ अभी आत्मनिर्भर नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 300 ग्राम दूध उपलब्धता का मानक है, जबकि राज्य में 2024-25 में यह औसत 194 ग्राम प्रतिदिन है।


मंत्री ने बताया कि राज्य में 1585 संस्थाओं के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जा रहा है और 800 प्रशिक्षित निजी कार्यकर्ता भी इस कार्य में लगे हैं। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 16.93 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए, जिस पर 1071.55 लाख रुपये खर्च हुए।


सदन में चिराग परियोजना को लेकर भी सवाल उठे। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना 12 फरवरी 2021 से लागू की गई थी, जिसकी अवधि 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित थी, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण इसे 26 मार्च 2025 से बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि कोविड के कारण कार्य प्रभावित होने से केंद्र सरकार से मिली 183 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग नहीं हो सका और उसे वापस करना पड़ा।


इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में गौवंश तस्करी और पशुओं के वध पर चिंता जताते हुए छोटे बछड़ों से दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना और टीकाकरण की सफलता दर की जानकारी मांगी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना में विश्व बैंक से मिली राशि को लेकर सवाल उठाया। मंत्री ने कहा कि कोविड के कारण योजना का उपयोग महज एक प्रतिशत ही हो पाया, इसलिए राशि सरेंडर करनी पड़ी।


प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले में अलसी उत्पादन के लिए वितरित बीजों में भारी मात्रा में रिजेक्शन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 158.49 क्विंटल बीज रिजेक्ट कर दिया गया, जिससे किसानों के लगभग 85 प्रतिशत रकबे पर असर पड़ा। मंत्री ने जवाब में कहा कि किसानों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण अपेक्षित उत्पादन नहीं हो सका। उन्होंने माना कि यदि अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि अलसी के डंठल से वस्त्र बनाए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ सकती है, इसलिए अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी।


वहीं कांग्रेस विधायक इंद्र साव ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि जिले से 74 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 16 के लिए 78.43 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।


इंद्र साव ने कबीरपंथ के प्रमुख तीर्थ दामाखेड़ा में बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के विस्तार की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि जितनी मांग आएगी, उससे दोगुनी राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मंदिरों को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।


प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश के बीच मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में कई मामलों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

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