कोरबा।
ऊर्जाधानी कोरबा में Dhirendra Krishna Shastri (बागेश्वर धाम सरकार) के आगमन के साथ ही धार्मिक माहौल चरम पर पहुंच गया। ढपढप में आयोजित हनुमंत कथा के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा स्थल जय श्रीराम और बागेश्वर धाम सरकार के जयघोष से गूंज उठा।
मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती को नमन करते हुए कहा, “मैं छत्तीसगढ़ का भांचा हूं, माता कौशल्या की धरती को मेरा प्रणाम।” उन्होंने कोरबा की ऊर्जा शक्ति की तारीफ करते हुए कहा कि यह शहर देश की ऊर्जा राजधानी है और यहां का कोयला पूरे देश को रोशन करता है। उन्होंने कहा कि अगर कोरबा का कोयला बंद हो जाए तो मध्यप्रदेश में अंधेरा छा जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब धर्मांतरण का खेल नहीं चलेगा और जो लोग भटक गए हैं उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसी दौरान उन्होंने “हालेलुया वालों की मारी जाएगी ठठरी” जैसी तीखी टिप्पणी करते हुए धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा रुख जाहिर किया।
कथा के पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़ से आयोजन की भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते हुए आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कथा में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है।
