रायपुर, 8 अप्रैल 2026।
मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मिशन कर्मयोगी के तहत संचालित आई-गॉट (iGOT) ट्रेनिंग कार्यक्रम में अपने-अपने विभागों को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने मोबाइल के माध्यम से इस डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जुड़ें, ताकि उन्हें आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण मिल सके।
बुधवार को आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत आयोजित मिशन कर्मयोगी कार्यशाला में मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग प्रमुख अपने विभाग की जरूरतों के अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय करें, जिससे उनकी कार्यक्षमता और कौशल में सुधार हो सके।
कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। वहीं सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यशाला की शुरुआत में बताया गया कि कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एचआरएमएस (e-HRMS) से जोड़ते हुए उनकी क्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा देना लक्ष्य है। मुख्य सचिव ने कहा कि आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कर्मचारियों को स्मार्ट और प्रभावी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने सभी विभागों में शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकारात्मक परिणाम हासिल करने पर जोर दिया। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने विभाग की योजनाओं एवं कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
