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शहरी विकास पर अरुण साव सख्त, पेयजल, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश


रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं की समीक्षा बैठक में शहरों की सबसे बड़ी बुनियादी समस्याओं को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की लगातार शिकायतों, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।


अधिकारी बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब केवल बजट खर्च करने या औपचारिकता निभाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान करना होगा। श्री साव ने कहा कि शहरों की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि नगर निगम नगर पालिकाओं के लिए और नगर पालिकाएं नगर पंचायतों के लिए प्रेरणा बनें।


धमतरी में पेयजल योजना के काम में देरी पर उप मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।


बरसात से पहले जलभराव की आशंका को देखते हुए श्री साव ने 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई पूरी करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम भौतिक निरीक्षण करेगी और काम संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी व इंजीनियर पर कार्रवाई होगी।


बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, राजस्व वसूली, बिजली बिल भुगतान, वेतन भुगतान और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।


अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही शहरों में भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जनसहयोग से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य कराने पर भी जोर दिया।

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