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SECL भू-विस्थापितों को नौकरी के बदले मिले ECL जैसी सुविधा, BJP नेता ने CM साय को लिखा पत्र

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बिलासपुर / कोयला कंपनियों में भू-अर्जन को लेकर बढ़ते विरोध के बीच बीजेपी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर SECL प्रभावित किसानों और भू-विस्थापितों के लिए बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह ECL (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) में नौकरी के एवज में वैकल्पिक सुविधा लागू की गई है, उसी प्रकार SECL बिलासपुर में भी यह व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।


पत्र में कहा गया है कि कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के अंतर्गत आने वाली सभी सहायक कंपनियों में नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। वर्तमान में ECL अपने भू-विस्थापितों को नौकरी के बदले दो वैकल्पिक सुविधाएं दे रही है, जिसे जून 2025 से लागू किया गया है।
ECL में भू-विस्थापितों को मिल रही ये सुविधाएं
वन टाइम सेटलमेंट – नौकरी के बदले लगभग 1 से सवा करोड़ रुपये तक की एकमुश्त राशि।
मासिक आर्थिक सहायता – 44 हजार रुपये प्रतिमाह, जो 45 वर्षों तक दी जाएगी, साथ ही हर साल 1 प्रतिशत वृद्धि भी होगी।


उपेंद्र सिंह ने अपने पत्र में कहा कि यदि CIL की एक सहायक कंपनी ECL में यह सुविधा दी जा सकती है, तो नियमों के अनुसार SECL में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।


SECL के भू-अर्जन का बढ़ रहा विरोध
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ में SECL द्वारा कई क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है, लेकिन किसानों और प्रभावित परिवारों में भारी असंतोष है। कई स्थानों पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।


उन्होंने लिखा कि यदि भू-विस्थापितों को नौकरी के स्थान पर बेहतर आर्थिक विकल्प दिए जाएं, तो किसानों में आक्रोश कम होगा और वे सम्मानजनक तरीके से अपना भविष्य सुरक्षित कर पाएंगे। कई किसान नौकरी नहीं करना चाहते, ऐसे में उन्हें आर्थिक पैकेज का विकल्प मिलना चाहिए।


सरकार से नियम अनुसार कार्रवाई की मांग
उपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि वे नियमानुसार SECL में भी ECL जैसी वैकल्पिक सुविधा लागू करने के लिए सिफारिश करें, ताकि प्रभावित किसानों और भू-विस्थापित परिवारों को राहत मिल सके।


पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कोयला मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक रेणुका सिंह, विधायक भैयालाल राजवाड़े और SECL बिलासपुर प्रबंधन को भी भेजी गई है।

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