रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। PCC चीफ दीपक बैज का कार्यकाल 10 जून को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में उन्हें दोबारा जिम्मेदारी मिलेगी या संगठन किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगा, इसे लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर जारी है।
इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के लगातार प्रदेश दौरे और नेताओं-कार्यकर्ताओं से मुलाकातों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। कांग्रेस के भीतर अब इसे संगठनात्मक बदलाव और शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल हाल ही में PCC चीफ दीपक बैज ने टीएस सिंहदेव को लेकर बड़ा बयान दिया था। बैज ने कहा था कि “टीएस बाबा बड़े नेता हैं। उन्हें दिल्ली जाकर काम करना चाहिए। यहां युवा काम कर रहे हैं और युवाओं को मौका मिलना चाहिए।” बैज ने यह भी कहा था कि सिंहदेव राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और पार्टी जहां भी उन्हें जिम्मेदारी देती है, वे वहां काम करते हैं। खास बात यह रही कि बैज के इस बयान को कांग्रेस के ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट पर भी शेयर किया गया, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।
अब इस बयान पर टीएस सिंहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी है। अंबिकापुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि दीपक बैज ने उन्हें सलाह दी है, लेकिन वे अभी भी खुद को युवा मानते हैं और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में लोगों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं और इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को भी है।
सिंहदेव ने दीपक बैज की तारीफ करते हुए कहा कि बैज युवा नेता हैं और भविष्य में मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक बयानबाजी के बाद देर शाम दीपक बैज और टीएस सिंहदेव के बीच चर्चा भी हुई, जिसमें विवाद को शांत करने की कोशिश की गई। हालांकि PCC चीफ की नियुक्ति को लेकर पार्टी के भीतर असमंजस अभी भी बना हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी नेतृत्व दीपक बैज पर दोबारा भरोसा जताएगा या फिर संगठन में नया चेहरा सामने आएगा। फिलहाल बैज और सिंहदेव के बयानों ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति को गर्मा दिया है।
