प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक लेख साझा किया, जिसमें आपातकाल के दौरान लोगों की स्वतंत्रता और आकांक्षाओं पर पड़े प्रभाव का उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लेख आपातकाल के दौर की घटनाओं और उसके प्रभावों पर प्रकाश डालता है। उन्होंने कहा कि देश द्वारा ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाए जाने के अवसर पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
आपातकाल के प्रभावों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के लेख में बताया गया है कि आपातकाल के दौरान लोगों की स्वतंत्रता और आकांक्षाएं किस प्रकार प्रभावित हुई थीं। लेख में उस दौर के अनुभवों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर पड़े प्रभावों का उल्लेख किया गया है।
सरकारी पहलों का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि लेख में केंद्र सरकार की ‘सेवा पर्व’ और ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार, ये पहलें ऐतिहासिक जागरूकता को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक स्मृति को संरक्षित करने और राष्ट्रीय जुड़ाव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संवैधानिक मूल्यों को मजबूत बनाने पर जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लेख इस बात पर भी जोर देता है कि ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाकर संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें राष्ट्रीय अस्मिता की भावना को गहरा करने में सहायक हैं।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आपातकाल और उससे लोगों की स्वतंत्रता तथा आकांक्षाओं पर पड़े प्रभाव को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि लेख में सरकार की विभिन्न पहलों के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है।(इनपुट: पीआईबी)
