सुकमा। कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहे सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूवर्ती और सिलगेर जैसे सुदूर इलाकों में अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक दिवसीय दौरे के दौरान इन क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण किया। वे नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री भी बनीं।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूवर्ती और सिलगेर के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और बच्चों से संवाद करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
जगरगुंडा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया गया। मंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनकी आजीविका और स्वरोजगार से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली तथा सेवा एक्सप्रेस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से उनके गांव पहुंची और सीधे उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए शासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की योजनाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों, स्थानीय लोगों और सरकार के समन्वित प्रयासों से सुकमा में अब शांति, विकास और विश्वास का नया माहौल बन रहा है।
