Advertisement Carousel

10 साल बाद मिला इंसाफ: बार-बार खराब हुई टाटा कार की पूरी कीमत लौटाने का आदेश

Business concept.



राज्य उपभोक्ता आयोग ने निर्माता और डीलर दोनों को ठहराया जिम्मेदार, खरीद राशि ब्याज समेत लौटाने के निर्देश।


रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में टाटा मोटर्स और उसके अधिकृत डीलर को उपभोक्ता को कार की पूरी खरीद राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि वाहन में शुरुआत से ही गंभीर तकनीकी खामियां थीं, जिन्हें समय पर दूर नहीं किया गया। करीब 10 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद उपभोक्ता को न्याय मिला।


प्रकरण के अनुसार, प्रार्थी प्रमोद कुमार गौतम ने 27 नवंबर 2014 को टाटा इंडिगो ईसीएस एलएसटीडीआई कार खरीदी थी। खरीद के कुछ ही समय बाद वाहन में ईंधन गेज खराब होने, एक ओर खिंचने और ठंडे इंजन में स्टार्टिंग जैसी गंभीर समस्याएं आने लगीं। महज तीन महीने और 5,000 किलोमीटर के भीतर कार को चार बार मरम्मत के लिए सर्विस सेंटर ले जाना पड़ा।


डीलर और कंपनी ने अपने बचाव में कहा कि सभी शिकायतों का वारंटी के तहत समाधान किया गया था और वाहन में कोई निर्माण दोष नहीं था। हालांकि, राज्य उपभोक्ता आयोग ने रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर माना कि वाहन में अंतर्निहित निर्माण दोष था और निर्माता व डीलर दोनों सेवा में कमी के दोषी हैं।


आयोग ने जिला आयोग के आदेश में संशोधन करते हुए दोनों प्रतिवादियों को संयुक्त रूप से उपभोक्ता को कार की पूरी खरीद राशि 4,77,865 रुपये 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित शिकायत की तारीख 13 अप्रैल 2015 से भुगतान तक लौटाने का आदेश दिया। इसके अलावा 2 लाख रुपये वित्तीय क्षति, 10 हजार रुपये मानसिक पीड़ा तथा 5 हजार रुपये वाद व्यय देने के निर्देश भी दिए गए हैं।


आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दोषपूर्ण वाहन की बिक्री उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी का मामला है, जिसके लिए निर्माता और डीलर दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!