ग्लास्गो में 53 किग्रा वर्ग में कुल 199 किलो वजन उठाकर भारत का बढ़ाया मान, अब गोल्ड जीतने का लक्ष्य
राजनांदगांव।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत का तिरंगा शान से लहराया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे राजनांदगांव सहित प्रदेशभर में खुशी का माहौल है।
सोमवार को आयोजित महिला 53 किलोग्राम वर्ग की स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों प्रयासों को मिलाकर उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 206 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि कनाडा की रेबेका ग्रूलक्स 178 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
ज्ञानेश्वरी की इस सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार, रिश्तेदारों, खेल प्रेमियों और जिले के लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उनके कोच ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने कठिन मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है और आने वाले समय में वह भारत के लिए स्वर्ण पदक भी जीतेंगी।
प्रतियोगिता के बाद ज्ञानेश्वरी ने फोन पर अपनी मां से बात करते हुए कहा कि देश के लिए खेलना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा कि वह रजत पदक से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और अगली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का तिरंगा सबसे ऊंचा लहराने का सपना पूरा करेंगी।
ज्ञानेश्वरी यादव की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उनकी सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिली है।
