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धमतरी में 31 लोगों के सामाजिक बहिष्कार का आरोप, दो साल से अपने ही गांव में अलग-थलग रहने को मजबूर परिवार


धमतरी। भखारा थाना क्षेत्र के तर्रा गोंदी गांव में एक साहू परिवार के 31 सदस्यों के कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि करीब दो साल पहले अतिक्रमण कर घर बनाने के विवाद के बाद पंचायत स्तर पर उनके परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। परिवार में बुजुर्गों और महिलाओं के साथ सात बच्चे भी शामिल हैं।


परिवार के मुताबिक सामाजिक बहिष्कार के बाद गांव के लोगों ने उनसे बातचीत करना बंद कर दिया। उनके खेतों में काम करने से भी लोग कथित तौर पर दूरी बनाए रखते हैं। परिवार के सुख-दुख में शामिल होने पर भी रोक होने का आरोप है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें गांव से बाहर दूसरे गांव जाना पड़ता है।


परिवार ने आरोप लगाया कि बहिष्कार का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। उनका कहना है कि सात बच्चों को गांव की दुकानों से सामान तक नहीं दिया जाता। परिवार का आरोप है कि बच्चे जब बिस्किट या अन्य सामान लेने दुकान पहुंचते हैं तो उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। इससे बच्चों में भी डर और हीनभावना पैदा हो रही है।


परिवार ने गांव के एक व्यक्ति पर कथित रूप से दबदबा बनाए रखने और बहिष्कार के नियम का उल्लंघन करने वाले ग्रामीणों पर जुर्माना लगाए जाने का भी आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि दो साल से वे अपने ही गांव में सामाजिक रूप से अलग-थलग जीवन जी रहे हैं और उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे किसी खुली जेल में रहने को मजबूर हों।


परिवार के सदस्यों का कहना है कि बीमारी या अन्य जरूरी काम होने पर भी उन्हें गांव से बाहर जाना पड़ता है। सामान खरीदने के लिए भी दूसरे गांव का रुख करना पड़ता है। लंबे समय से चली आ रही इस स्थिति से परेशान होकर परिवार के सदस्य धमतरी जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय की मांग की।


अपर कलेक्टर इंद्रा नवीन सिंह ने परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सामाजिक बहिष्कार के आरोपों की वास्तविकता क्या है और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।


मामले ने गांवों में सामाजिक बहिष्कार और पंचायत के कथित फरमानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बच्चों को कथित रूप से इस विवाद का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिससे परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर अब सभी की नजर है।

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