बलरामपुर-रामानुजगंज। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को राजपुर विकासखंड के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल होकर प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है और अब तक करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ उठा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी शांति और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना है।
मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया।
प्राचीन आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की प्राचीन लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी। तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
