रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए 10 माओवादियों को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे न्याय की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी का बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का बेहद पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी कटु स्मृतियां लंबे समय तक प्रदेश को पीड़ा देती रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हमले में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों ने जान गंवाई थी। उन्होंने मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एनआईए की सराहना की।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ माओवादी हिंसा के चंगुल से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आतंकवाद को वैचारिक या बौद्धिक समर्थन देने वालों से भी आत्मचिंतन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए। उन्होंने झीरम हमले में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
