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खड़गे के बयान पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, विजय शर्मा और दीपक बैज आमने-सामने

विजय शर्मा ने दी उम्र और पद की मर्यादा की नसीहत, दीपक बैज बोले— खड़गे जी ने गलत क्या कहा?

रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्हें उम्र और पद की मर्यादा का ध्यान रखने की नसीहत दी, तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि आखिर खड़गे ने गलत क्या कहा? दोनों नेताओं के बयानों से प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर तेज हो गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पद, दायित्वों और उम्र का लिहाज किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की ओर से ‘रिजीम चेंज’ को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी निशाना साधा। शर्मा ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता लोकतांत्रिक है और सरकार का फैसला मतदान के जरिए होता है।

SIR पर भी भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी विजय शर्मा ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में यह प्रक्रिया सही तरीके से हुई है और पात्र मतदाताओं के नाम लगातार जोड़े जा रहे हैं। मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों पर भाजपा ने अपना पक्ष रखा, वहीं कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

दीपक बैज का पलटवार, भाजपा पर लगाए आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने खड़गे के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि एक पुरानी कहावत का उल्लेख किया था। बैज ने भाजपा पर राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए वोट चोरी, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे विषय उठाए। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भाजपा बयान को लेकर विवाद खड़ा कर रही है।

खड़गे के बयान पर शुरू हुई यह जुबानी जंग अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया मोर्चा बन गई है। एक ओर भाजपा बयान की भाषा और प्रधानमंत्री के पद की मर्यादा का सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे भाजपा की प्रतिक्रिया और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है। दोनों दलों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

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