00 9 स्टेशन बिलासपुर रेल मंडल के चयन जहाँ लगने है सीसीटीवी कैमरे
00 अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम होंगे
00 स्टेशनों की गतिविधियां होंगी कैद
00 अपराधी और अपराध होगी नजर
बिलासपुर / दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के ए और बी श्रेणी के 19 स्टेशनों में सुरक्षा अब पहले से और तगड़ी होगी. रेलवे अब स्टेशनों पर हर तरफ तीसरी आंख से अपनी चौकस नजर रखेगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 333 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. कैमरों की खरीदी से लेकर उन्हें लगाने का काम निर्भया फंड से होगा, जिसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
महिलाओं की सुरक्षा के लिए खासतौर पर पीएमओ कार्यालय से निर्भया फंड का प्रावधान है और अन्य मंत्रालयों की तरह रेल मंत्रालय को भी 200 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है. फंड स्वीकृति के साथ मंत्रालय ने इसके उपयोग के लिए रेलवे जोन का चयन किया है, जहां इस फंड से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसमे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन भी शामिल है.
राशि स्वीकृत करने के साथ-साथ जोन के तीन रेल मंडल के उन स्टेशनों का चयन करने के लिए कहा गया था, जहां कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है. इसके लिए जोन ने तीनों मंडल के 19 स्टेशनों का चयन किया है जिनमें ए और बी श्रेणी के स्टेशन शामिल हैं. इनमें सर्वाधिक 9 स्टेशन बिलासपुर रेल मंडल के हैं. इस फंड का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करना है, ऐसे में रेलवे में इसकी सर्वाधिक जरूरत है. स्टेशन सार्वजनिक स्थल होने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्र भी माना जाता है जिसे देखते हुए रेल प्रशासन ने अलग-अलग स्टेशनों में कैमरे भी लगाए हैं, लेकिन इनकी संख्या पर्याप्त नहीं है. ए-1 स्टेशनों को छोड़कर अन्य श्रेणी के स्टेशनों में इक्के-दुक्के कैमरे ही लगे हैं. इन्हीं कमियों के कारण स्टेशनों की गतिविधियां कैद नहीं हो पाती और अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से बच जाते हैं. कैमरे बढ़ने से ऐसे अपराधियों की आसानी से पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सकेगा. इसे देखते हुए ही स्टेशनों में कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
निर्भया फंड 200 करोड़ रुपए की स्वीकृति, 19 स्टेशनों में सुरक्षा होगी कड़ी, 333 सीसीटीवी कैमरे जाएंगे लगाए
