रायपुर / छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद कांग्रेस की वापसी हुई है। प्रदेश में कांग्रेस के 68 सीट पर विधायक चुन कर आए हैं। अब बड़ा सवाल है कि कांग्रेस से मुख्यमंत्री पद का ताज किसके सर पर सजेगा। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक दल की आज रात 8 बजे बैठक होगी। बैठक में केन्द्रीय पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। माना जा रहा है कि कि वे पार्टी हाइकमान के फैसले से विधायकों को अवगत कराएंगे। वे विधायकों से दल का नेता चुनने के लिए रायशुमारी करेंगे। हालांकि पार्टी में सीएम पद के लिए कई बड़े नाम सामने आएं हैं।
कांग्रेस विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे, छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव और डॉ अरुण उरांव ही रहेंगे मौजूद रहेंगे। इसके बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का चेहरा सामने आने की संभावना है। लेकिन जो चर्चा है उसके मुताबिक ये प्रमुख दावेदार हैं, जिनके नाम इस समय सुर्खियों में है।
मुख्यमंत्री का चेहरा तय होने से पहले छत्तीसगढ़ में फिलहाल टी एस सिंह देव, चरणदास महंत, भूपेश बघेल और ताम्रध्वज साहू के नामों पर चर्चा का बाजार गर्म है।
भूपेश बघेल – छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की रेस में भूपेश बघेल का बताया जा रहा है। भूपेश बघेल वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और बहुत ही मुश्किल समय में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की कमान संभाले थे। छत्तीसगढ़ के इतिहास में भूपेश बघेल ने कांग्रेस को वो ऐतिहासिक जीत दिलाई है, जिसकी कल्पना शायद राहुल गांधी ने भी नहीं की होगी।
टीएस सिंहदेव – छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की रेस में दूसरा नाम टी एस बाबा का आता है। अपने शहज और सरल स्वभाव के लिए बाबा हमेशा पसंद किए जाते हैं। सरगुजा संभाग में उनकी छवि बहुत ही सुलझे हुए स्थापित नेता के तौर पर भी देखी जाती है। टीएस बाबा की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगा सकते हैं कि सरगुजा संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटों से बीजेपी को साफ कर दिया है। 2013 से 2018 तक छत्तीसगढ़ के नेता विपक्ष रहते हुए टी एस सिंह देव ने भूपेश बघेल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कांग्रेस को प्रदेश में एक नई ऊंचाई पर ले जाने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी।
चरणदास महंत – इन दोनों के अलावा एक और नाम प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में उभरकर सामने आ रहा है चरण दास महंत । महंत कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व में गिने जाते हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं। लंबे अंतराल के बाद चरणदास महंत ने विधानसभा चुनाव लड़ा है और शक्ति के विधायक चुने जा चुके हैं। वरिष्ठता के आधार पर चरणदास महंत का नाम भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
ताम्रध्वज साहू –इन सबसे अलावा एक चेहरा ताम्रध्वज साहू को भी माना जे रहा है। दुर्ग से सांसद ताम्रध्वज साहू प्रदेश में साहू समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा वोटबैंक माना जाता है। विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में साहू समाज के वोटरों की एक बड़ी भूमिका होती है। इसलिए कोई भी पार्टी इस वोटबैंक को नजर अंदाज करके नहीं चल सकती है। ऐसे में अगर ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो इससे साहू समाज का एक बड़ा वोटबैंक कांग्रेस की ओर आ सकती है। जिसका फायदा कांग्रेस को आने वाले लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है। ताम्रध्वज साहू वर्तमान में छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के इकलौते सांसद हैं।