Advertisement Carousel

मैग्नेटिक ग्रीन बोर्ड़ खरीदी में गड़बड़झाला को लेकर हुई शिकायत, मामला जिला खनिज से स्वीकृति राशि का…

कोरिया / जिले में शिछा का स्तर सुधारने जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर कोरिया ने जिले के 144 हाई व हायरसेकंडरी स्कूलों में मैग्नेटिक ग्रीन बोर्ड लगाने लगभग एक करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जिससे अब जिले के हाई व उच्चतर विद्यालयों में श्याम पट्ट की जगह हरे बोर्ड पर पढ़ाई करानी होगी जिसकी सुविधा जल्द मिलने की उम्मीद थी किन्तु जिला इंडियन यूथ काग्रेश के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने इस खरीदी में नियमो की अनदेखी कर एक ही विशेष फर्म से खरीदी करने का आरोप लगा कर इसे निरस्त कर निविदा के माध्यम से खरीदी करने को लेकर कलेक्टर कोरिया को शिकायत पत्र प्रेषित कर जाच की मांग की जब कि जिले में जिला खनिज न्यास योजना से स्वीकृति कार्यो में सुरु से ही विवादों का नाता रहा है जिससे अब कही न कही इस खरीदी में भी कमीशन खोरी को लेकर सुगबुगाहट सुरु हो गई हैं वही अब अधिकारी जाच कर कार्यवाही की बात कह रहे हैं ।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर कोरिया ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिले के शासकीय स्कूलों में मैग्नेटिक ग्रीन बोर्ड से पढ़ाई सुरु करने की योजना को मूर्त रूप देने योजना की सुरुवात की जहा जिला खनिज न्यास योजना की पहली बैठक में ही जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से एक स्कूल में चार नग मैग्नेटिक ग्रीन बोर्ड के हिसाब से एक स्कूल में 71580 के हिसाब से राशि जारी की जहा एक बोर्ड की कीमत 17895 रुपये बताया गया है जिसके लिए कलेक्टर कोरिया ने जिला शिछा अधिकारी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया व खरीदी के निर्देश दिए किन्तु क्रियान्वयन एजेंसी ने नियमो को निविदा के माध्यम से न कराकर एक ही फर्म से खरीदी करने को लेकर चर्चा का विषय बन गया वही अब अधिकारी पाठ्य पुस्तक निगम के निर्देश के आधार पर खरीदी करने बात कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे है ।

क्या है शिकायत पत्र में –

शिकायत कर्ता ने कलेक्टर कोरिया को लिखित शिकायत पत्र देते हुए इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सहित जिले के प्रभारी मंत्री से की है वही कार्यवाही नही होने पर आंदोलन का सहारा लेकर विरोध करने की बात कही जहा शिकायत पत्र में निर्धारित एजेंसी द्वारा निर्धारित नियमो की अनदेखी कर एक विशेष फर्म से खरीदी करने का आरोप लगा कर जाच कर कार्यवाही की मांग की साथ ही खरीदी निविदा के माध्यम से करने का निवेदन किया ताकि शासकीय राशि का एक व्यक्ति विशेष को लाभ न मिले वही निविदा के माध्यम से कम दाम में सही सामग्री मिलने की बात कही ।

error: Content is protected !!