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मुख्यमंत्री शामिल हुए होलीक्रास स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में और कहा – अच्छी शिक्षा जीवन के कठिन क्षणों में बनती है सहारा

00 बेटे-बेटियों में भेदभाव समाप्त करने मुख्यमंत्री ने किया आव्हान किया

अम्बिकापुर / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि स्कूली जीवन में बच्चों को मिलने वाली अच्छी शिक्षा आगे चलकर उनके जीवन के कठिन से कठिन क्षणों में भी मजबूत सहारा बन सकती है। डॉ. सिंह ने कहा स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ नई पीढ़ी को भावी जीवन के लिए अच्छे संस्कार भी दिए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री आज सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में हॉलीक्रॉस कान्वेन्ट सीनियर सेकेण्डरी स्कूल के स्वर्ण जयन्ती समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।                        उन्होंने कहा – पीढ़ियों के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है। शिक्षकों और शिक्षिकाओं का जीवन बच्चों के लिए प्रेरणादायक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बेटियों के प्रति समाज के नजरिये में सकारात्मक बदलाव की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने सभी लोगों से बेटे-बेटियों में भेदभाव समाप्त करने का आव्हान किया और कहा कि बेटी का जन्म होने पर भी खुशी मनाना चाहिए।
समारोह में गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े, लोकसभा सांसद कमलभान सिंह, सीतापुर के विधायक अमरजीत भगत, सरगुजा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह, नगर निगम अम्बिकापुर के महापौर डॉ. अजय तिर्की सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में इस विद्यालय के सुदीर्घ योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा – किसी भी शिक्षण संस्था का 50 वर्षो का कार्यकाल पूरा करना बढ़ी उपलब्धि होती है, जिसमें सैकड़ों स्मृतियों के साथ कई खट्टे-मीठे अनुभव भी शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में जो पढ़ाया और सिखाया जाता है, उससे अनुभव बढ़ने के साथ ही आत्म विश्वास भी बढ़ता है। स्कूली जीवन में सीखी हुई चीजें और शिक्षकों की प्रेरणा जीवन के कठिन दौर में एक मजबूत सहारे के रूप में काम आती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में सीखी हुई चीजे एक बार जीवन पद्धति में ढल जाता है तो फिर वह हमारे सदैव काम आता है।
डॉ. सिंह ने कहा –  सरकार की नीति और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यह सोच है कि बेटियों को बराबर शिक्षित होने का मौका मिले। प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप बेटियों का सम्मान परिवार एवं समाज में बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें निःशुल्क शिक्षा देने के साथ ही सायकल वितरण एवं नोनी सुरक्षा योजना सहित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटा और बेटी के अंतर को समाप्त किया जाना चाहिए तथा बेटी का जन्म होने पर भी उत्साह एवं खुशी मनाना चाहिए। इसीलिये राज्य सरकार द्वारा बेटी के जन्म लेेने पर 5 हजार रूपये जमा किया जाता है और उसके 18 साल की उम्र होने पर उसे एक लाख रूपए देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी को समान दर्जा देने के लिए दिल एवं दिमाग में परिर्वतन लाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज शिक्षित हो रहा है परन्तु दिमाग में जिस दिन खुलापन आ जायेगा और दिल एवं दिमाग से काम करने लगेंगे तभी बेटा और बेटी का अन्तर समाप्त हो जायेगा। इसके लिए सभी शैक्षणिक संस्थाओं की सहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य को बेहतर बनाने के लिए अनेक प्रसास किये जा रहे हैं और वह समय जल्द आयेगा जब पिछड़ापन और पलायन के नाम से जाने जाना वाला छत्तीसगढ़ हिन्दुस्तान के नक्शे में विकसित राज्यों की अग्रणी पंति में होगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ तेजी से विकास करता राज्य के रूप में उभरा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने स्वर्ण जयन्ती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हॉलीक्रॉस कान्वेन्ट सीनियर सेकेण्डरी स्कूल सरगुजा जिले की बढ़ी उपलब्धी है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल से पढ़कर और संस्कारिक होकर निकलने वाले विद्यार्थी अच्छे पदों पर गये हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि इस स्कूल के प्राचार्यो, शिक्षकों और अभिभावकों के अथक प्रयास से यह शिक्षण संस्था न केवल सरगुजा जिले, संभाग बल्कि छत्तीसगढ़ की भी अग्रणी शैक्षणिक संस्था बन गई है। उन्होंने कहा यहां के शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता और एक स्वच्छ प्रतिपरधा बनाये रखने का कार्य किया है। उन्होंने इस स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर शिक्षकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। सरगुजा के लोकसभा सांसद कमलभान सिंह ने इस स्कूल के 50 वर्ष की सफलतम सफर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वर्ण जयंती स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके साथ ही बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर सरगुजा संभाग के कमिश्नर टी.सी. महावर, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु गुप्ता, कलेक्टर भीम सिंह, पुलिस अधीक्षक आर.एस. नायक सहित बड़ी संख्या मंे नागरिक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

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