अम्बिकापुर / सरगुजा जिले मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में संदिग्ध अवस्था में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पीएचई विभाग के विजय मिंज का शव पुलिस ने बरामद किया है।
शव को देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर मामले की विवेचना में जुट गई है।
दरअसल छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के पिकनिक स्पॉट टाइगर प्वाइंट झरने के नीचे कोरिया जिले के बैकुंठपुर में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विजय मिंज का शव संदिग्ध हालत में पुलिस ने बरामद किया है। सूचना मिलते ही पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरु कर दी है। चेहरे में गंभीर चोट के निशान भी मिले है विजय मिंज नीचे गिरा या किसी ने हत्या कर उन्हें फेंका है। इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को बरामद कर पीएम के लिए नर्मदापुर अस्पताल भिजवा दिया है।
घटना का पता तब चला जब टाइगर प्वाइंट में शुक्रवार की देर शाम वहां घूमने गए ग्रामीणों ने झरने के नीचे शव पड़ा देखा। चेहरा खून से सना हुआ था। अंधेरा होने के कारण पुलिस रात में नहीं जा पाई। आज सुबह कमलेश्वरपुर टीआई विजय प्रताप सिंह, एसआई धीरेंद्र दुबे, एएसआई सहदेव बर्मन व टीम के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं फॉरेंसिक एक्सपर्ट कुलदीप कुजूर को भी जांच के लिए बुलाया गया। इसके बाद टीम ने मौके पर जांच की..शव के पास से एक पर्स, 2 मोबाइल और चेन पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस की टीम आस-पास के लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की मौत कैसे हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। वह खुद से गिरे या उसे मारकर फेंका है, इसकी जांच पुलिस कर रही है।




