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2 महिला आईएएस अफसरों के बीच लड़ाई की खबर, अफसर ने बिना नोटिस किये कार्रवाई पर पूछा सवाल तो मांगा VRS

रायपुर / खबर है कि छत्तीसगढ़ के दो महिला आईएएस अफसरों के बीच लड़ाई की खबर तथ्यहीन साबित होते दिखाई दे रही है | सूत्रों की माने तो जिस अफसर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया है, वह महिला अफसरों की लड़ाई के चलते नहीं बल्कि संभवतः खुद पर होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए है |

दरअसल, राज्य जीएसटी कमिश्नर कार्यालय के एडिशनल कमिश्नर केआर झारिया के द्वारा 5 व्यवसायियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने के बाद सूचना के संदर्भ में जीएसटी कमिश्नर नोटशीट प्रस्तुत किया गया था । जिसमें लिखा गया था कि पाँचो के द्वारा बड़ी मात्रा में कर अपवंचन किया गया है, उनके माल की सप्लाई संदिग्ध है । इस आधार पर उनके द्वारा ITC ब्लॉक कर दिया गया है और विभाग को उनके भुगतान रोकने के लिए पत्र लिखा जा चुका है । जबकि प्रदेश के किसी भी कार्यालय में नोटशीट हमेशा अधिकारी लिखवाते हैं, साथ ही कार्रवाई पूर्व पार्टी को कम से कम नोटिस दिए जाने का प्रावधान है ।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिना कारण बताओ नोटिस के और बिना जवाब लिए उनका भुगतान रोकने के लिए पत्र भेज दिए है इसके ख़िलाफ़ व्यवसायी कोर्ट की दरवाजा खटखटा सकते हैं |

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सर्कल स्तर पर की जाती है और प्रस्तुत नोट शीट में कोई भी कारण या राशि उल्लेख नहीं था कि किस आधार पर और कितनी राशि का कर अपवंचन किया है। अब जब इस संदर्भ में उनको बिना किसी स्पष्ट आधार पर CTO के बजाय ADC स्तर पर पर कार्रवाई करने का कारण और नियम पूछा गया । तो ADC चुप्पी साध लिए, यह कार्य उनके शाखा का भी नहीं है उसको ये शाखा आवंटित नहीं है, ये प्रवर्तन शाखा का काम है जिनके अधिकारी का नाम गोपाल वर्मा है जिनकोबायपास करके उनके द्वारा डीलर के विरुद्ध काम करवाया जा रहा है, अब जब इस मामले में उच्च अफसरों द्वारा जाँच की बात कही, साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की तैयारी चल रही थी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की बात चली, तो संभवतः वे इसी कार्रवाई के डर से VRS के लिए आवेदन लगा दिया |

अधिकारी द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है इसकी सुचना नोटशीट पर दी जा रही है |

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