बिलासपुर / भूपेश सरकार द्वारा मुझे सुरक्षा देने से इनकार करने के बावजूद दंतेवाड़ा पुलिस हिरासत में मौत की पीड़िता सुश्री पांडे के परिजनों से मिलने मैं अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को उनके गाँव के समेली जाऊँगा नहीं तो मेरी अंतरात्मा मुझे माफ़ नहीं करेगी: ऐसा कहना हैं अमित जोगी का।
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन मैं दंतेवाड़ा ज़िला के समेली गाँव स्वर्गीय सुश्री पांडे कवासी के परिजनों से मिलने जाऊँगा।सुश्री पांडे ने 20.02.21 को दंतेवाड़ा के कारली पुलिस मेस में आत्महत्या की।उसने अपने परिजनों को बताया कि उसपर पुलिस खुद को नक्सली बताके आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव बना रही थी।अगर वो और उसकी सहेली ऐसा नहीं करते तो उनका एंकाउंटर करने की धमकी भी दी गई।स्वाभाविक रूप से पुलिस नहीं चाहती कि मैं वहाँ जाऊँ।इसलिए उन्होंने मुझे ‘सुरक्षा न देने’ का पत्र अभी भेजा है।उनको मालूम होना चाहिए कि मैंने उनसे न तो सुरक्षा माँगी है और न ही वहाँ जाने की अनुमति।सुरक्षा देना या न देना उनके ऊपर है लेकिन मैं समेली जाऊँगा और सुश्री पांडे के परिवार से मिलूँगा।अगर मैं ऐसा नहीं करता तो मेरी अंतरात्मा कभी मुझे माफ़ नहीं करेगी।
