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विधानसभा में हंगामा: विपक्ष ने घोटालों और अनियमितताओं पर सरकार को घेरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सवालों के जवाब में देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने खेद व्यक्त किया और सभी विभागों को समय पर जवाब देने के निर्देश दिए।

भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाले का आरोप

सत्र की कार्यवाही के दौरान भारतमाला परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने में अनियमितता का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा कि उन्हें प्रश्न का उत्तर आधे घंटे पहले ही दिया गया, जिसे पढ़ना संभव नहीं था। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी महंत का समर्थन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सभी अधिकारियों को समय पर जवाब देने के निर्देश दिए।

अमलीडीह भूमि आवंटन पर गरमाई राजनीति

विधानसभा में अमलीडीह की सरकारी भूमि आवंटन का मामला गूंजा। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने 56 करोड़ की जमीन को मात्र 9 करोड़ में देने की कोशिश की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि नियमों में बदलाव के कारण भूमि आवंटन रद्द किया गया। विपक्ष ने सरकार पर सरकारी जमीन की बंदरबांट करने का आरोप लगाया।

सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच के निर्देश

भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सर्पदंश से मौत के मामलों में मुआवजा घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने मांग की कि जांच कलेक्टर स्तर पर न होकर सचिव स्तर पर की जाए। इस पर राजस्व मंत्री ने जांच के आदेश दिए।

सिकलसेल संस्थान में इलाज की सुविधा नहीं, मरीज बेहाल

सिकलसेल संस्थान में सुविधाओं की कमी का मामला भी सदन में उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 25 लाख लोग सिकलसेल से पीड़ित हैं, लेकिन इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्थान में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और न ही रिसर्च का कार्य हो रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की भर्ती करने और बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने पर काम कर रही है।

विपक्ष का हमला, सरकार की सफाई

इन तमाम मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा और अनियमितताओं की जांच की मांग की। सरकार ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा कि सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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