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खारुन में गंदा पानी मिलने का मुद्दा सदन में गूंजा, एसटीपी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कमेटी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का आश्वासन


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन खारुन नदी में गंदा पानी मिलने का मामला जोरदार ढंग से उठा। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने प्रश्नकाल के दौरान एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।


मूणत ने कहा कि खारुन नदी रायपुर शहर की प्यास बुझाती है, लेकिन नालों का गंदा पानी एसटीपी में शोधन के बजाय सीधे नदी में मिल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब एसटीपी का निर्माण हुआ है तो उसका पानी शुद्ध होकर ही नदी में जाना चाहिए, फिर गंदा पानी कैसे मिल रहा है? उन्होंने यह भी कहा कि खारुन का पानी मंत्री से लेकर आम नागरिक तक पी रहे हैं, ऐसे में पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता जरूरी है।


विधायक ने आरोप लगाया कि वे पिछले तीन महीनों से इस विषय पर स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं और हालात चिंताजनक हैं। “क्या केवल कागजों में कमेटी बनाकर समस्या का समाधान हो जाएगा?” — उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि रायपुर में इंदौर जैसी घटना न हो, इसके लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाने चाहिए।


इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने सदन को बताया कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।


सरकार के आश्वासन के बाद भी विपक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग दोहराई। खारुन नदी से जुड़े इस मुद्दे पर सदन में कुछ समय तक गंभीर चर्चा होती रही।

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