13 ठिकानों पर छापेमारी, नकदी और सोना जब्त; 2,883 करोड़ की अवैध कमाई का अंदेशा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत करीब 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में एक साथ 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कॉर्पोरेट संस्थाओं को निशाने पर लिया गया।
तलाशी के दौरान ED को 53 लाख रुपये नकद और 3.234 किलोग्राम सोना (लगभग 4.86 करोड़ रुपये) मिला। कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच शराब व्यापार में भारी अनियमितताएं हुईं, जिससे लगभग 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का अंदेशा है।
अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें वरिष्ठ प्रशासनिक और आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
