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मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर, डॉ. वर्णिका शर्मा के निरीक्षण में मदरसों की अव्यवस्था आई सामने


मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

बाल संरक्षण मानकों में मिली कमियां, सुधार के दिए निर्देश


रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में रायपुर स्थित दो मदरसों एवं यतीमखानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन एवं दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी एवं असंतुलित पाई गई।


निरीक्षण में परिसर एवं रसोईघर में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी तथा अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मदरसों में बच्चों से सफाई एवं अन्य दैनिक कार्य कराए जाने की बात भी सामने आई, जिसे बाल अधिकारों के विरुद्ध माना गया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने संस्था प्रबंधन को निर्देशित किया कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य न कराया जाए तथा बाल संरक्षण संबंधी सभी मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए।


इसके अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर भी आयोग ने चिंता जताई। बाल आयोग ने संबंधित संस्थानों को निरीक्षण में पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।


आयोग ने स्पष्ट किया कि बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों एवं मदरसों से निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। डॉ. वर्णिका शर्मा ने दोहराया कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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