प्रधानमंत्री आवास योजना के ‘डीलर दीदी’ मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान
रायपुर, 29 जून। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल को ग्रामीण आवास निर्माण में तेजी लाने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने किया।
छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ‘डीलर दीदी’ के रूप में कर रही हैं। इस व्यवस्था के तहत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आवास निर्माण कार्य तेज, सुगम और किफायती हुआ है।
इस पहल से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। प्रदेश की 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सम्मेलन में इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण विकास का सफल उदाहरण बताया गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से सबसे अधिक राजमिस्त्री प्रशिक्षण देकर छत्तीसगढ़ ने देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इन पहलों को अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना राज्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचारों की पुष्टि करती है तथा भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
