लता उसेंडी ने उठाया रिक्त पदों और नई शिक्षा नीति का मामला, मंत्री बोले- भर्ती प्रक्रिया शुरू, 4 वर्षीय बीएड-डीएड के लिए टास्क फोर्स गठित
रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के प्रश्नकाल में रविवार को कोंडागांव से भाजपा विधायक लता उसेंडी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में रिक्त पदों, बीएड-डीएड पाठ्यक्रम के संचालन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन का मुद्दा उठाया।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू है तथा शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में भी इसका पालन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में कहीं भी बीएड और डीएड महाविद्यालय संचालित नहीं हैं। इनका संचालन स्कूल शिक्षा विभाग एवं एससीईआरटी के माध्यम से किया जाता है।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों के 265 स्वीकृत पदों में 236 रिक्त हैं, जबकि गैर-शैक्षणिक 320 पदों में से 291 पद खाली हैं। विश्वविद्यालय की छात्र क्षमता 3300 है, जबकि वर्तमान में 1898 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यूजीसी मानकों के अनुसार 223 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन अभी केवल 29 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में 146 पदों के विरुद्ध 113 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पूर्व में भर्ती संबंधी शिकायतों की जांच कराई गई थी, लेकिन जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने शिकायतों को निराधार मानते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया।
बीएड और डीएड पाठ्यक्रम के संबंध में मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। प्रदेश में इसकी शुरुआत के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। वर्तमान में 13 महाविद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां यूजीसी के मानकों के अनुरूप भविष्य में बीएड कॉलेज शुरू किए जा सकते हैं।
इस दौरान विधायक लता उसेंडी ने विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, बीएड-डीएड पाठ्यक्रम शुरू करने तथा नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।
