सक्ती। ग्राम पंचायत रनपोटा में सरपंच पर पद के दुरुपयोग और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच भारती साहू के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्थित शासकीय आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-1 को बिना किसी अनुमति और पंचायत प्रस्ताव के मशीन से तुड़वा दिया गया।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, आंगनबाड़ी भवन को तोड़ने से पहले ग्राम पंचायत में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया और न ही संबंधित विभाग या सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई। आरोप है कि शासकीय भवन को तुड़वाकर उसके स्थान की जमीन का लाभ निजी व्यक्ति लक्ष्मीन चौहान को पहुंचाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि संबंधित व्यक्ति रनपोटा का निवासी नहीं है।
3 लाख रुपये में जमीन बेचने का आरोप
ग्रामीणों ने सरपंच पर शासकीय जमीन को कथित तौर पर 3 लाख रुपये में बेचने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भवन और जमीन के संबंध में किसी भी प्रकार का निर्णय नियमानुसार पंचायत प्रस्ताव और सक्षम विभाग की अनुमति के बाद ही लिया जा सकता है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से भवन तोड़े जाने, जमीन के उपयोग और कथित लेन-देन की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सरपंच के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
मालखरौदा एसडीएम रूपेंद्र पटेल ने कहा कि उनके द्वारा ग्राम पंचायत रनपोटा में आंगनबाड़ी भवन तोड़ने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरपंच द्वारा बिना अनुमति भवन तोड़ा गया है और उसे बेचने का प्रयास किया गया है तो यह गलत है। मामले की जांच कराकर तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासनिक जांच और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि शासकीय आंगनबाड़ी भवन किस आधार पर तोड़ा गया और जमीन के संबंध में क्या कार्रवाई की गई थी।
