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टेक्सटाइल हब बनेगा छत्तीसगढ़, केंद्र देगा हरसंभव सहयोग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा दिया गया है। इसके तहत निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन और अनुदान का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। श्रम आधारित होने के कारण टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग में रोजगार सृजन की बड़ी क्षमता है।

नवा रायपुर में विकसित होगा टेक्सटाइल इको-सिस्टम

मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल यूनिट्स की स्थापना को गति मिल रही है। सरकार यहां उत्पादन के साथ डिजाइन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार सुविधाओं से जुड़ा समग्र टेक्सटाइल इको-सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे छत्तीसगढ़ के साथ मध्य भारत में भी टेक्सटाइल उद्योग को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

कोसा सिल्क को मिलेगा आधुनिक बाजार

बैठक में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला, विशेषकर चांपा के कोसा सिल्क को आधुनिक डिजाइन, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि NIFT की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही बुनकरों और शिल्पकारों को नए डिजाइन और तकनीकी नवाचार का लाभ मिल सकेगा।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और उद्योग विस्तार के लिए राज्य को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सेंट्रल इंडिया के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में उभर सकता है।

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