गड्ढों में धान रोपकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
गरियाबंद/मैनपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी जर्जर सड़क को लेकर मैनपुर विकासखंड के ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। गौरघाट, देहारगुड़ा, गिरहोला, आमागुड़ा, सिंहार और रामपारा समेत आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने रैली निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के विरोध में अनोखा प्रदर्शन करते हुए गड्ढों में धान के पौधे रोपे और बेशरम के पौधे लगाकर अपना आक्रोश जताया।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित सड़क का निर्माण वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शुरू हुआ था। करीब तीन साल में सड़क बनकर तैयार हुई, लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर पहले अधिकारियों ने सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। अब विभाग की ओर से सड़क की पांच वर्ष की गारंटी अवधि समाप्त होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि सड़क निर्माण के शुरुआती समय में ही खराब हो गई थी तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई।
स्कूली बच्चों को भी खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक गौरघाट, देहारगुड़ा, खामभाठा, गिरहोला, अचानपुर, सिंहार और रामपारा सहित कई गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक स्कूल हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस मार्ग से आवागमन करते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और बारिश के दौरान जलभराव के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी सड़क की सुध नहीं ले रहे हैं। इसी उपेक्षा के विरोध में उन्होंने सड़क के गड्ढों में धान रोपकर शासन-प्रशासन को आईना दिखाने का प्रयास किया है।
मांग पूरी नहीं हुई तो चक्काजाम
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द सड़क की जांच कराकर मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने जरूरत पड़ने पर चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
