रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ‘घायल शेरनी’ वाले बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग ने प्रदेश की सियासत में एक बार फिर माहौल गरमा दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी की छत्तीसगढ़ में नई जिम्मेदारी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि उनका वनवास खत्म हो गया है। बघेल ने अमेठी लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी वहां चोट खाई हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब वह ‘घायल शेरनी’ हैं और न जाने प्रदेश में किसे निपटाएंगी।
बघेल का तंज—‘वनवास खत्म, घायल शेरनी न जाने किसे निपटाएगी’
भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी को लेकर कहा कि वह काफी दिनों तक वनवास में थीं और अब उनका वनवास खत्म हुआ है। उन्होंने अमेठी चुनाव में मिली हार को लेकर भी टिप्पणी की और स्मृति ईरानी को ‘घायल शेरनी’ बताते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि प्रदेश में वह किसे निपटाती हैं।
बघेल के इस बयान को भाजपा की प्रदेश प्रभारी के तौर पर स्मृति ईरानी की नई भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके बयान के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीधे बघेल पर निशाना साधा।
CM साय का पलटवार—‘भूपेश बघेल अपनी चिंता करें’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बघेल को भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी चिंता करनी चाहिए। सीएम साय ने कहा कि यह अच्छा होगा कि भूपेश बघेल भाजपा की चिंता न करें।
साय ने बघेल की हालिया राजनीतिक जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह देखना चाहिए कि पंजाब में किस तरह उन्हें ‘किक आउट’ किया गया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वे असम गए हैं तो वहां भी पहली बार में ही विरोध का सामना करना पड़ा।
‘अपनी चिंता करें, भाजपा की नहीं’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी राजनीतिक स्थिति और अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी चिंता करना उनके लिए बेहतर होगा।
स्मृति ईरानी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे तौर पर भूपेश बघेल बनाम विष्णुदेव साय की सियासी बयानबाजी में बदल गया है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी पर ‘घायल शेरनी’ के रूपक के जरिए निशाना साधा, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री साय ने बघेल के पुराने और मौजूदा राजनीतिक दायित्वों का हवाला देते हुए पलटवार किया।
छत्तीसगढ़ भाजपा में स्मृति ईरानी को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद कांग्रेस की ओर से पहली बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में बघेल का बयान सामने आया है। अब मुख्यमंत्री साय के पलटवार के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में और तूल पकड़ सकता है।
