सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों के साथ मुख्यमंत्री ने किया सामूहिक गायन, स्कूल के विकास के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा
रायपुर, 25 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं, आचार्यों और नागरिकों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विकास के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मां भारती की वंदना, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इस गीत ने देशवासियों में स्वाधीनता की चेतना जगाई और स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनके त्याग को याद करने के साथ नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने का भी अवसर है।
एक करोड़ से अधिक लोगों ने किया सामूहिक गायन
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी और नागरिक सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी करीब 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों ने इसमें सहभागिता की।
हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। सरकार का प्रयास है कि शहर से लेकर बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ अंचलों तक हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा निखारने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में किसी प्रतिभाशाली बच्चे की आगे बढ़ने की राह नहीं रुकनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। वहां अध्ययनरत प्रदेश के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है।
शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या डिग्री हासिल करना नहीं है। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र और समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होना जरूरी है। उन्होंने विद्या भारती के विद्यालयों द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की।
‘बड़ा सपना देखें और लक्ष्य के लिए मेहनत करें’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बड़ा सपना देखें, अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी व्यक्तिगत सफलता को समाज और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश और समाज की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी, इसलिए उन्हें अभी से अपने भविष्य और दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, राजीव लोचन महाराज, मयंक बैस, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
