प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नोटिस जारी करने के दिए संकेत, दो दर्जन से अधिक नेताओं के नाम सूची में शामिल होने की चर्चा; सांसद संतोष पाण्डेय का तंज- कांग्रेस में एक-दूसरे का राजनीतिक दीपक बुझाने की तैयारी
रायपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ अब कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक अनुशासन और राजनीतिक खींचतान का नया मुद्दा बन गई है। महारैली में शामिल नहीं होने वाले पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू होने के बाद इसकी आंच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी दिल्ली नहीं पहुंचने वाले नेताओं की सूची तैयार करने में जुटी है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने गैरहाजिर नेताओं को नोटिस जारी करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस कवायद को पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़ते हुए निशाना साधना शुरू कर दिया है।
सात राज्यों में 202 पदाधिकारियों पर कार्रवाई
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ में कांग्रेस संगठन की ओर से पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद महारैली में शामिल नहीं होने वाले 202 पदाधिकारियों के खिलाफ सात राज्यों में निलंबन की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की सूची में मध्यप्रदेश के सर्वाधिक 60 पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस संगठन ने महारैली में गैरहाजिरी को अनुशासनहीनता के रूप में देखा है। पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि संगठनात्मक कार्यक्रमों में पदाधिकारियों की भागीदारी और जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया जाएगा। इसी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी गैरहाजिर नेताओं को लेकर हलचल तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ में भी तैयार हो रही गैरहाजिर नेताओं की सूची
दिल्ली की महारैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और नेताओं के शामिल नहीं होने की चर्चा के बीच प्रदेश संगठन ने भी उनकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर तैयार की जा रही सूची में दो दर्जन से अधिक नेताओं के नाम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, सूची में शामिल नेताओं के नामों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट किया है कि महारैली में शामिल नहीं होने वाले नेताओं को नोटिस जारी किया जाएगा और जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। संगठन की इस पहल को पार्टी के भीतर अनुशासन कायम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदेश कांग्रेस किन नेताओं को नोटिस जारी करती है और उनके खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाती है।
बीजेपी ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर साधा निशाना
कांग्रेस में गैरहाजिरी को लेकर कार्रवाई की तैयारी के बीच बीजेपी को राजनीतिक हमला बोलने का अवसर मिल गया है। राजनांदगांव सांसद एवं बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक-दूसरे का राजनीतिक दीपक बुझाने की तैयारी चल रही है। उनके अनुसार, कोई दीपक बैज का राजनीतिक दीपक बुझाना चाहता है, तो कोई भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन से ज्यादा नेताओं के बीच आपसी खींचतान और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। महारैली में कौन शामिल हुआ और कौन नहीं, इसे लेकर शुरू हुई कार्रवाई को बीजेपी कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जोड़ रही है।
अनुशासन बनाम गुटबाजी, आगे क्या?
दिल्ली की महारैली से शुरू हुआ गैरहाजिरी का मामला अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व अनुशासन के नाम पर नेताओं की जवाबदेही तय करने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इस घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का उदाहरण बता रही है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से तैयार की जा रही सूची और संभावित नोटिस आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकते हैं। अब देखना होगा कि गैरहाजिर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई संगठन को मजबूत करने का माध्यम बनती है या फिर छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को और हवा देती है।
