00 रायपुर के आस-पास अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग होंगे बंद
00 रायपुर शहर – नया रायपुर में लगाए जाएंगे 23.40 लाख पौधे
00 ई-रिक्शा को प्रोत्साहित करने बनेगी योजना
00 कोयले से होने वाले प्रदूषण को रोकने रेल्वे लाईनों के आस-पास की बसाहटों में
00 ‘उज्जवला‘ योजना में दिए जाएंगे निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन
रायपुर / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अधिकारियों को कठोर उपाय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की बैठक में इन उपायों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा व्यापक जनहित में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में आवास और पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत और मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अमन कुमार सिंह ने रायपुर शहर में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के पांच मुख्य कारक हैं, जिनमें औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन उत्सर्जन, विभिन्न निर्माण गतिविधियां, नगरीय ठोस अपशिष्ट और घरेलू एवं कृषि अपशिष्ट शािमल हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में इन कारकों पर नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य में पुराने वाहनों पर पाबंदी लगाने और रायपुर के आस-पास अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने का निर्णय भी लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रायपुर के आस-पास स्थापित औद्योगिक इकाईयों से फैलने वाले प्रदूषण की ऑन लाईन निगरानी की जाए। यदि माह में दो बार से अधिक इन इकाईयों से निर्धारित माप दण्ड से उत्सर्जन अधिक पाया जाता है, तो ऐसी इकाईयों को बंद करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि बारह साल से अधिक पुरानी बसों को चलाने का परमिट नहीं दिया जाएगा। बसों के परिचालन मार्गो की लम्बाई चाहे कितनी भी हो। लंबी दूरी के मार्गों पर बारह वर्ष से ज्यादा पुरानी बसों को पूर्व से ही परमिट नहीं दिया जा रहा है। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में दस वर्ष से पुराने ट्रकों को कोई परमिट नहीं दिया जाए। ट्रक मालिकों को वाहन परिवर्तन के लिए एक वर्ष का समय दिया जाएगा। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले आठ वर्ष से पुराने व्यावसायिक परिवहन वाहनों का राज्य में पंजीयन नहीं किया जाएगा। बैठक में रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर शहरों में दस वर्ष पुराने सभी डीजल चलित परिवहन वाहनों, आटो और छोटे माल वाहक वाहनों को चलाने का परमिट नहीं देने का भी निर्णय लिया गया। इन वाहनों के परिवर्तन के लिए एक वर्ष की सीमा तय की गयी। इस सीमा के बाद इन वाहनों को चलाने का परिमिट नहीं दिया जाएगा। इन शहरों में ई-रिक्शा को प्रोत्साहित करने और पुराने वाहन मालिकों के लिए नये वाहनों की खरीदी के लिए शहरी विकास विभाग योजना तैयार करेगा।
बैठक में रायपुर शहर में ठोस अपशिष्ट और जैव अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। रेल्वे लाइन के आस-पास की बसाहटों में कोयला जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत सर्वे कर गरीब परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सर्वे के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ पर्यावरण मण्डल द्वारा उद्योगों, बिल्डरों, गृह निर्माण मण्डल और रायपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से इस वर्ष बारिश में रायपुर में 23.90 लाख पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार की गयी है। इनमें से उद्योगों से उनके एक तिहाई क्षेत्र में 13.40 लाख पौधे लगवाए जाएंगे। बिल्डरों, गृह निर्माण मण्डल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी कॉलोनियों में पांच लाख पौधे और नया रायपुर में 5.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। भवन निर्माण के दौरान होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माणाधीन भवनों को जाली से ढंकने के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। फसल कटाई के बाद ठूंठ जलाने की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए इससे होने वाली पर्यावरण को हानि के संबंध में किसानों को जागरुक किया जाएगा। इसके बारे में आगामी ग्राम सभाओं में चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर शहर में घरेलू गंदे पानी के शोधन के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए जल्द कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एन.बैजेन्द्र कुमार, कृषि विभाग के अजय सिंह, गृह विभाग के प्रमुख सचिव बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, पुलिस महानिदेशक ए.एन.उपाध्याय, आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण मण्डल के अध्यक्ष अमन कुमार सिंह, जनसंपर्क विभाग के सचिव संतोष मिश्रा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव सुब्रत साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव संजय शुक्ल, सचिव गृह विभाग अरूण देव गौतम सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
