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दो राहे पर खड़े कांग्रेसी, कहीं जोगी एक्सप्रेस मे सवार न हो जाएं

रिपोर्ट / अनुप बडेरियां / 7694071111………..
00 पूर्व विधायक गुलाब सिंह और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष यवत सिंह दिखाएंगे अपनी ताकत
00 देखना है 1 जुलाई, जोगी एक्सप्रेस मे कितने सवार होगे शामिल
00 कहीं अाधे – अाधे न हो जाएं जिले मे कांग्रेस

कोरिया / कोरिया जिले से मनेन्द्रगढ़ के पूर्व विधायक गुलाब सिंह 1 जुलाई को अजीत जोगी की छग जनता कांग्रेस पार्टी में अपने सैकड़ो समर्थको के साथ शामिल होने जा रहे है।

इस बात के फैलते ही जिले के कई नए – पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता अाज दो राहे पर खड़े है, अब उन्हें भी यह लगने लगा है की उनके सामने ये अंतिम समय है और वो भी प्रदेश के बड़े नेताओ की तरह जल्द फैसला ले ले,
विदित हो कि एक जुलाई को मनेन्द्रगढ़ इलाके से लगातार दो बार विधायक रहे गुलाब सिंह का जन्म दिवस भी है। गुलाब सिंह वैसे तो पुर्व से ही जोगी के खास समर्थक माने जाते रहे है। वहीं अंचल के एक और कद्दावर नेता व पूर्व कोरिया जिला पंचायत अध्यक्ष तथा पूर्व कोरिया कांग्रेस के जिला अध्यक्ष यवत सिंह ने भी पटना क्षेत्र के सैकड़ो समर्थको के साथ कांग्रेस छोड़ कर जोगी एक्सप्रेस मे सवारी करने की तैयारी में है। इन नेताओ ने अपने समर्थको के साथ बैठको का दौर जारी रखा हुआ है।
aviary-image-1467100425550 ये दो कांग्रेस के आदिवासी नेता के रूप में जिले में बड़े चेहरे माने जाते रहे है। लेकिन बदलती पार्टी की कमान व बदलते समय में कांग्रेस में इन दोनो नेताओ की उपेक्षा होने लगी। पार्टी के होने वाले कार्यक्रमो की जानकारी तक उन्हे नही दी जाती थी। गुलाब सिंह कांग्रेस से लगातार चार बार विधायक चुनाव का टिकट पा कर चुनाव लड़े। उन्होने लगातार दो बार मनेन्द्रगढ़ विधानसभा से चुनाव जीता। तीसरी बार उन्हे मनेन्द्रगढ़ की बजाए नए विधानसभा क्षेत्र भरतपुर-सोनहत से टिकट दी गयी। अनिच्छा के बावजूद पार्टी के आदेश को उन्होने स्वीकार किया। नया क्षेत्र होने के बाद भी गुलाब सिंह ने 20 दिनो में कड़ी मेहनत की पर अल्प मतो से चुनाव हार गए। बीते विधानसभा में उन्होने भरतपुर- सोनहत क्षेत्र में काफी मेहनत की पर इस बार उन्हे भरतपुर- सोनहत की बजाए कांग्रेस ने मनेन्द्रगढ़ से चुनाव का टिकट दे दिया। पार्टी आलाकमान के आदेश को सर्वोपरि मान कर गुलाब सिंह चुनावी समर में उतरे परंतु नजदीकी मुकाबले में वह भाजपा के श्यामबिहारी जायसवाल से चुनाव हार गए। लेकिन पिछली बार की तरह गुलाब सिंह चुप नही रहे, इस बार उन्होने अपनी हार का ठीकरा डां. चरणदास महंत पर फोड़ते हुए उन्हे खुले मंच से लोकसभा चुनाव में निपटाने की बात कही और अपनी बात पर मुकम्मल रहते हुए उन्होने महंत को सुबे से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसी के बाद से वह लगातार संगठन के निशाने पर रहे है। कांग्रेस पार्टी द्वारा उन्हे पार्टी कार्यक्रमो की जानकारी देना बंद कर दिया गया। बड़े आयोजनो से गुलाब सिंह की उपस्थिति शून्य रहने लगी। लेकिन इसके बाद संगठन के तमाम प्रयासो के बाद उन्होने जिला पंचायत के चुनाव में अपनी समर्थक श्रीमती कलावती मरकाम को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतवाकर कांग्रेस की नयी पीढ़ी को संदेश दिया कि नए खैवये ये न समझे कि नदी का पानी उतर चुका है। सूबे में गुलाब सिंह के जनाधार व आदिवासी बेल्ट में उनकी पकड़ को नकारा नही जा सकता है।
इसी प्रकार पूर्व वित्तमंत्री डां. रामचंद्र सिंहदेव से नाराजगी पटना क्षेत्र के लोकप्रिय आदिवासी नेता यवत सिंह को इतनी भारी पड़ी की कांग्रेस ने पिछले कई सालो से उपेक्षित सा कर रखा है। पार्टी में जिस सम्मान के यवत सिंह जैसे ईमानदार नेता हकदार थे वह सम्मान उन्हे नही मिला। अविभाजित मध्यप्रदेश में वह कोरिया कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे है। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य भी रहे। पिछले जिला पंचायत चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेसियो ने ही उनके खिलाफ चुनाव में काम कर उन्हे हरवा दिया। जिसके बाद से वह कांग्रेस से नाराज से चल रहे थे। अभी हाल ही में मई माह में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की शानदार सभा पटना में करा व हजारो की भीड़ इकट्ठी करा कर यवत सिंह ने अंचल में अपने बरकरार जनाधार को साबित कर उन कांग्रेसियो के गाल पर करारा चांटा मारा जो उन्हे मरा चुका हुआ समझ रहे थे। अभी भी बड़े कांग्रेसी कह रहे है कि इन नेताओ के पार्टी से बाहर जाने पर कोई फर्क नही पड़ेगा पर समय ही बताएगा कि नुकसान किसे हो रहा है। वैसे जोगी कांग्रेस में जाने वालो में जनपद सदस्य बिहारी राजवाड़े, गणेश जायसवाल, युवा नेता विकास श्रीवास्तव जैसे अनेक बड़े नाम और हो सकते है।

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