कोरिया / कलेक्टर एस प्रकाश की मुख्य आतिथ्य में आज नवनिर्मित आडिटोरियम में मध्यस्थता जागरूकता एवं सलाह के संबंध में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए एल जोशी ने की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहाँ की समाज में मध्यस्थता के माध्यम से न्याय पहुंचाने की पहल होनी चाहिए। मध्यस्थता के माध्यम से दो पक्षों के प्रकरणों को हल किया जा सकता है। उन्होने कहा कि न्याय सबके लिए समान है एवं न्याय पाने में सबको समान अधिकार है। उन्होने कहा कि न्याय प्राप्त करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत उपलब्ध है। उन्होने पक्षकारों को अपने विवादित प्रकरणों का निराकरण के लिए मध्यस्थता, सुलह, न्यायिक समझौते और बीच बचाव के माध्यम से हल करना चाहिए।
कलेक्टर कोरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम मध्यस्थता जागरूकता एवं सलाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश जोशी को बधाई दी। उन्होने कहा कि सभी व्यक्तियों को समानतापूर्वक न्याय मिलना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को भी सुगमतापूर्वक न्याय प्राप्त होनी चाहिए। उन्होने कहा कि विवादित प्रकरणों के निराकरण में मध्यस्थता की भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मध्यस्थता से ही कई विवादित प्रकरणों का निराकरण किया जा सकता है। उन्होने लोगो को सार्वजनिक न्याय की आधुनिक प्रणाली को अपनाकर शीघ्र और सुलभ न्याय प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होने कहा कि यह कार्यक्रम लोगो के लिए उपयोगी और सार्थक होगी।
इसके पूर्व मध्यस्थता जागरूकता एवं सलाह कार्यक्रम के संबंध में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्षन किया गया।इस अवसर पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश मनेन्द्रगढ की श्रीमती कीर्ति लकडा, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश मनेन्द्रगढ के मोहन गुप्ता, मजिस्ट्रेट मनेन्द्रगढ दिलेश यादव, महेश राज, मजिस्ट्रेट बैकुण्ठपुर सुश्री राधिका सैनी एवं कुमारी अंजली सिंह, मजिस्ट्रेट चिरमिरी भुपेन्द्र वासनीकर, मजिस्ट्रेट चिरमिरी आनंद बोरकर, मजिस्ट्रेट जनकपुर डायमंड गिलहरे, चेम्बरर्स आफ कामर्स बैकुण्ठपुर के अध्यक्ष संजय सिंघवानी, जिले के सभी पैरालिगल वालिंटियर्स, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र कस्यप, जिला महिला बाल विकास अधिकारी रमाकांत चंद्राकर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी आशीष गुप्ता, महिला समूह सभी एन जी ओ एवं कोर्ट मैनेजर राजेन्द्र भार्गव भी मौजूद थे।
