रिपोर्ट / संतोष जायसवाल / 09617940586
कोरिया / खडगवॉ विकासखंड के लगभग आधा दर्जन के करीब ग्राम पंचायतों में सड़क निर्माण में जबरदस्त गोलमाल किये जाने का मामला सामने आया है। दरअसल इन ग्राम पंचायतों में बाकायदा सड़क तो बनाई गई लेकिन जिन सड़कों को पंचायत के द्वारा खुद निर्माण कराया जाना था उन्हें ठेका पद्दति से कराया गया और इतना ही नहीं जिन सड़कों का निर्माण कराया गया वे अब घटिया निर्माण की भेंट चढ़ चुकी है।
जिले के विकासखंड खड़गाँव के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सकरिया, अमका, भरदा, छुरी, मुगुम तथा बारी को ग्रामीणो को बेहतर सड़क सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत लगभग 50 लाख रुपये की लगत से सी.सी.सडक व पुलिया निर्माण की राशि वर्ष 2015-16 में स्वीकृत मिली थी। ताज्जुब की बात यह रही की जिन सड़कों को ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कराया जाना था उसे अन्य किसी ठेकेदार के द्वारा कराया गया। वहीँ ग्रामीणों ने भी बताया की सड़क सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत को एजेंसी बना कर नहीं किया गया है इसके साथ ही ग्रामीणों का आरोप है की सरपंच ने कमीशन खोरी के चक्कर में सड़कों को ठेकेदार के माध्यम से बनवाया है।
गौरतलब है की उक्त निर्माण के लिए निर्माण एंजेसी संबधित ग्राम पंचायत को बनाया गया था। इसके साथ ही महज छह महीने पहले बानी ये सड़के ऊखड़ कर अब इस कदर खस्ता हाल हो चुकी है की इन पर चलना भी दुर्भर हो गया है।जिस वजह से ग्रामीणों की कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। ग्राम पंचायत सकरिया, अमका, बारी, मुगुम, भरदा ऐसे ग्राम पंचायत है जहाँ अब तक सबसे ज्यादा सीसी सड़कें स्वीकृत हुई है। इसके साथ ही यह क्षेत्र जनपद सदस्य व उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल का निर्वाचित क्षेत्र भी है। वहीँ ग्रामीणों का यह भी आरोप है की उपाध्यक्ष ने अपने पद के प्रभाव पर लाभ कमाने के लिए सड़को का काम लिया और गुड़वत्ताविहीन सड़कों का निर्माण कराया है। ग्रामीणो ने इस सम्बन्ध में निष्पक्ष जाँच करने तथा दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।
भरदा मे सी सी सडक का निर्माण हुआ है, जिसका निर्माण एंजेसी तो पंचायत है मगर काम जनपद उपाध्यक्ष ही कराये है ।
हीराबाई – भरदा सरपंच
सी.सी सडक बनने के बाद ही उखड़ने से ग्रामीणों में काफी रोष है, इन स्थानों में बड़े अधिकारी पहुच नही पाते है इसलिय इस तरह का ठेकेदार और निर्माण एजेंसी मिल कर बंदरबाट कर रहे है। अभी कुछ माह ही यह सड़के बनी है जिसे देख लगता है कई वर्ष पूर्व बने होंगे।
नासीर खान – स्थानीय
