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कोरिया का राज्योत्सव बना बालोत्सव, बिना मजदूरी काम करते रहे स्कूली छात्र 

कोरिया / छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का १६ वां साल कोरिया जिले के लिए चर्चा का केंद्र विंदु रहा जहाँ एक तरफ अधिकारी कर्मचारी कमर तोड़ मेहनत का डंका पीटते नहीं थक रहे है तो वही खेल मैदान में राज्योत्सव की तैयारियों में स्कूली बच्चे मेहनत करते नजरआये। जिला प्रशासन की ऐसी व्यवस्था को देख मंत्री जी भी शुभारम्भ कार्यक्रम में छीटे – कसे जैसे 2016 का राज्योत्सव मेहनत कस स्कूली बच्चो को मेहनत कराने के लिए जिला प्रशासन ने आयोजित किया हो । 
            screenshot_2016-11-05-17-56-38गौरतलब हो की ०४-११-२०१६ को ११ बजे छत्तीसगढ़ राज्य का १६ वां स्थापना दिवस मनाने के लिए जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय के रामानुज हाई स्कूल खेल मैदान में समस्त विभागों का स्टाल लगाकर योजनाओ की जानकारी देने का कार्यक्रम आयोजित किया था किन्तु ११ बजे शुभारम्भ नहीं हो पाने के साथ ही कोरिया जिला प्रशासन के कार्यक्रम पर सवाल उठना चालू हो गया। शुभारम्भ करने पहुचे मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने प्रशासन पर उंगली उठाते हुए कहा की राज्योत्सव अधिकारी कर्मचारियों का है या आम जनता का ? क्योकि प्रचार – प्रसार नहीं होने से आम जनता नदारत है निश्चित है मंत्री का यह कथन एक जनप्रतिनिधि होने के नाते बिलकुल सही रहा। एक दिन के राज्योत्सव कार्यक्रम को दो दिन बढ़ाकर अधिकारी रही सही कसर पूरी करने में लगे थे किन्तु में दिन खेल मैदान की स्थिति और भी बुरी नजर आइ। योजनाओ को प्रदर्शित करने वाले स्टाल को विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हि देखते रहे । लाखो रूपये खर्च कर जिला प्रशासन स्कूली बच्चो से काम करता नजर आया जबकि जिले के आला अधिकारी का निरिक्षण लगातार मैदान पर बना रहा बाबजूद किसी ने बच्चो को रोकने का या मना करने का प्रयास नहीं किया । मैदान के भीतर स्कूली यूनिफार्म में बच्चे मिटटी को बराबर करते रहे तो कही सफ़ेद निशान बनाये और तो और कुर्सी सजाने का भी काम बच्चो ने बखूबी निभाया। उक्त दृश्य बालोत्सव में बदलते देर नहीं लगा ऐसा प्रतीत हुआ जैसे बच्चो को किसी स्कूली प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया गया है इस तरह पूरा राज्योत्सव जिला प्रशासन का अधिकारी औरकर्मचारियों का बनकर रहा गया ।
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