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हैदराबाद धमाकों के पांच दोषियों को सज़ा-ए-मौत

दिल्ली / 

साल २०१३ में हैदराबाद के दिलसुखनगर में दोहरे बम धमाकों के सिलसिले में सज़ा का ऐलान हो गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने यासीन भटकल समेत पांच दोषियों को सज़ा-ए-मौत सुनाई है।
इससे पहले 13 दिसंबर को अदालत ने दिलसुखनगर दोहरे बम धमाके के मामले में प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के कथित सह-संस्थापक यासीन भटकल और चार अन्य को दोषी ठहराया था। फ़रवरी 2013 में हुई इस आतंकी वारदात में 18 लोगों की जान गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

विशेष एनआईए अदालत ने भटकल और अन्य को आईपीसी, शस्त्र अधिनियम, गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम यानि यूए-पीए की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।

भटकल के अलावा उत्तर प्रदेश के असदुल्ला अख़्तर, पाकिस्तान के जिया-उर-रहमान उर्फ वकास, बिहार के तहसीन अख़्तर और महाराष्ट्र के एजाज़ शेख को दोषी ठहराया गया। ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं। कथित मुख्य षड्यंत्रकारी रियाज भटकल अब भी फरार है।

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