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दिल्ली / कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र की पांच बीमा कंपनियों को स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध करने को हरी झंडी दी, इलेक्ट्रानिक उत्पादन को बढावा देने के लिए 10 हजार करोड का प्रोत्साहन दिया दया, वहीं पुराने पड चुके 105 कानूनों को खत्म करने का फैसला भी लिया गया।
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सार्वजनिक क्षेत्र की पांच सामान्य बीमा कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एक अहम फैसले के तहत इसके लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत पांचों कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75 फीसदी तक करेगी, यानी 25 फीसदी तक हिस्सा लिस्टिंग इक्विटी या ऑफर ऑफ सेल के जरिए बेचा जा सकेगा।
जिन कंपनियों के लिस्टिंग का फैसला हुआ है, उनमें शामिल हैंः 1. द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 2. यूनाईटेड इंडिया इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड 3. ओरिएंटल इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड 4. नेशनल इंश्योरंस कंपनी लिमिटेड 5. जनरल इंश्योरंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया कैबिनेट ने पुराने और बेकार पड़ चुके 105 कानूनों को भी खत्म करने से संबंधित एक प्रस्ताव को भी अपनी मंज़ूरी दी है। सुशासन को मजबूत करने और विधि आयोग की सिफारिशों के मुताबिक मोदी सरकार अब तक 1175 कानूनों को वापिस ले चुकी है, जिसकी वर्तमान में उपयोगिता खत्म हो चुकी है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के मकसद से मंत्रिमंडल ने 10000 करोड़ रुपए का इन्सेन्टिव देने से संबंधित एक प्रस्ताव को भी अपनी सहमति दी है। इसके जरिए साल 2020 तक भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स आयात मुक्त बनाया जा सकेगा तो करीब 3 करोड़ नए रोजगार उपलब्ध कराए जा सकेंगे। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से कैबिनेट ने झारखंड में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के एक ऑफ कैम्पस के निर्माण को भी अपनी मंज़ूरी दी है, जिसमें 201 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। |
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पुराने पड़ चुके 105 कानून होंगे खत्म
