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आदिवासी कंवर समाज व्यवसायिक क्षेत्र मे भी अपनी पहचान स्थापित करें- राम सेवक पैकरा

00 सामाजिक एकता का मिसाल आदिवासी कंवर समाज- भईयालाल राजवाड़े

00 श्रम मंत्री ने की सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रूपये की घोषणा

00 आदिवासी कंवर समाज की वार्षिक सम्मेलन

कोरिया / जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर स्थित मानस भवन में आज यहां आदिवासी कंवर समाज की वार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ। प्रदेश के गृह, जेल एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री राम सेवक पैकरा की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में श्रम, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाड़े मुख्य अतिथि की आसंदी से शामिल हुए।

श्रम मंत्री श्री राजवाड़े ने आदिवासी कंवर समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी कंवर समाज की गौरवशाली इतिहास और परंपरा है। इस समाज में कई विभूतियों ने राज्य और देश में अपनी कीर्तिमान स्थापित किया है। हमें उन विभूतियों के पदचिन्हों पर चलकर उनका अनुसरण करना चाहिए। श्री राजवाडे ने कहा कि आदिवासी कंवर समाज सामाजिक एकता का मिसाल है। आदिवासी कंवर समाज को समाजिक संगठन के रूप में जाना जाता है। उन्होने कहा कि संगठित समाज ही प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है। आदिवासी कंवर समाज भी इसी दिशा में आगे बढ रहा है। श्री राजवाडे ने कहा कि आदिवासी समाज द्वारा आयेाजित सम्मेलन में शामिल होकर वह गौरान्वित महसूस कर रहा है। उन्होने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों और बुराईयों को समाप्त करने की दिशा में बात होगी, जो समाज के विकास के लिए एक अच्छी और सराहनीय पहल होगी। श्री राजवाडे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने समाज के विकास के लिए एक नई दिशा दी है। विभिन्न समाजों के समुचित विकास के लिए अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने श्रम मंत्री के रूप में उन्हें एक नई पहचान दी है।यह पहचान उनकी नहीं यह पूरे समाज के लिए है। इस अवसर पर उन्होने आदिवासी कंवर समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए अपनी निधि से 30 लाख रूपये प्रदान करने की घोशणा की। श्री राजवाडे ने कहा कि विकसित समाज के रूप में आदिवासी कंवर समाज की पहचान राज्य में तो है ही अब उन्हें राश्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की जरूरत है।
प्रदेश के गृह, जेल एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री राम सेवक पैकरा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। श्री पैकरा ने कहा कि कोरिया की पावन भूमि पर आदिवासी कंवर समाज का सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जो आदिवासी समाज के लिए गौरव और प्रसंशा की बात है। उन्होने सम्मेलन के आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री पैकरा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी कंवर समाज शिक्षा और कृशि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। समाज के कई प्रतिभावान छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं में आगे आये है। उन्होने कहा कि समाज के लोग पहले सुविधाओं के अभाव में भी आगे बढे है और अपनी मंजिल प्राप्त किये है। लेकिन अब समाज के लोगों को आगे बढने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उन्होने कहा कि जहां पहले प्राथमिक शालाएं संचालित थीं, अब वहां हाईस्कूल और हायरसेकेण्डरी एवं कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। यह राज्य की उपलब्धियेां का परिचायक है। श्री पैकरा ने कहा कि व्यवसायिक क्षेत्र में लगे लोगों की पहचान एक सफल व्यक्ति के रूप में होती है। उन्होने आदिवासी कंवर समाज के लोगों को भी अब व्यवसायिक क्षेत्रों में आगे आने की आवश्यकता है। उन्होने उच्च पदों पर पदस्थ और शिक्षित एवं सफल लोगों को समाज के कमजोर लोगों को प्रोत्साहित कर आगे लाने की समझाईश दी। इस अवसर पर उन्होने समाज के प्रतिभावान प्रतिभूतियों को भी सम्मानित किया। सम्मेलन को श्री रामलखन पैकरा और श्री एम.एस.पैकरा ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में श्री अर्जुन सिंह ने सामाजिक भवन के लिए ग्राम पोंडी में 25 डिस्मिल भूमि दान में देने की घोषणा की। सम्मेलन में स्वागत गीत प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 500 रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री संदीप पैकरा ने किया।

इस अवसर पर समाज के प्रमुख विश्राम सिंह ठाकुर, बबरू वाहन महाराज, श्रीमती हेमलता पैकरा, सुश्री अभिलाशा पैकरा सहित समाज के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और बडी संख्या में आदिवासी कंवर समाज के नागरिकगण उपस्थित थे।

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