* क्षेत्र के बहुचर्चित अस्पताल तुलसी सागर में 2 माह पूर्व हुई थी मौत
चिरमीरी / क्षेत्र के बहुचर्चित प्रसूता रेशमी परवीन की प्रसव के दौरान की गई लापरवाही से मौत का अमला तूल पकड़ता देख अंततः बीते रात आरोपी महिला डॉक्टर श्रीमती फ्लोरेंस नाइटिंगल सागर उर्फ लकड़ा मेडम पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है.
गौरतलब है कि पिछले 4 अप्रेल को हल्दीबाड़ी निवासी गैराज मिस्त्री की पुत्री रेशमी परवीन का प्रसव कराने भैंसा दफाई हल्दीबाड़ी स्थित तुलसी अमृत अस्पताल में भर्ती कराया गया था किंतु प्रसूता को बिना सक्षम ऑपरेशन अहर्ता के तथा प्रसूता को दवाइयों का ओवर डोज दिए जाने से मृत्यु हो गई थी. जिसके पश्चात प्रसव पीड़िता की संदिग्ध हालातो में हुई मौत पर परिवार जनों और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा धरना प्रदर्शन की चेतावनी पर शासन द्वारा संज्ञान लेते हुये बीते दिवस कार्यपालन न्यायाधीश की टीम द्वारा चिरिमिरी थाना पहुंच घटना की पड़ताल की गई थी और शीघ्र कार्यवाही की बात कही गई थी.
उल्लेख है कि परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन सहित जिला प्रशासन के संरक्षण पर निजी हॉस्पिटल को चलाने का आरोप लगाते हुए 48 घण्टो का अल्टीमेटम दिया गया था. जिस पर कार्यवाई किया जाकर निजी हॉस्पिटल के सामने चक्का जाम करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी थी. जिस पर बीते दिवस चिरमिरी पुलिस द्वारा विवेचना कर डॉक्टर श्रीमती फ्लोरेंस नाइटिंगल सागर लकड़ा मेडम पर धारा 304 भाग 2 भादवि तथा छग राज्य उपचारगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया.
थाना प्रभारी सुनील सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतिका के परिजनों द्वारा आरोप लगाए गए थे कि डॉक्टर श्रीमती सागर केवल एमबीबीएस है और उन्हें शल्य चिकित्सा का अधिकार नही है बावजूद प्रसूता की डिलिवरी में दवा का हैवी डोज और शल्य चिकित्सा की गई थी तथा तुलसी अमृत अस्पताल का पंजीयन भी वैध नही है पर चिरमिरी पुलिस द्वारा धारा 91 भादवि के अंतर्गत नोटिस दिया जाकर जानकारी मांगे जाने पर डॉक्टर श्रीमती सागर द्वारा बरमपुर यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस पास का सर्टीफिकेट प्रस्तुत किया गया तथा शल्य चिकित्सा के लिये एमएस की डिग्री नही होना पाया गया. जिस कारण चिकित्सा कार्य मे जान बूझकर लापरवाही के प्रमाण पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध किया गया.
