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दिल्ली / कैबिनेट ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान प्लेटफॉर्म की स्थापना के लिए भारत और ब्रिक्स देशों के बीच हस्ताक्षरित सहमति पत्र को मंज़ूरी दे दी है।
कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा फ़ैसला लेते हुए तिरुवनंतपुरम से कन्याकुमारी के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण को मंज़ूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की लंबाई 86.56 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट में 1,431 करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रोजेक्ट को 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।
रूस के ऊफा में 9 जुलाई, 2015 को आयोजित सातवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव रखा जो पूरे विश्व को एक उपहार होगा। यह केंद्र ब्रिक्स के सदस्य देशों में खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कृषि क्षेत्र में नीतिगत सहयोग के जरिए सतत कृषि विकास एवं ग़रीबी उन्मूलन को बढ़ावा देगा।
कैबिनेट ने भारत और स्पेन के बीच अक्षय ऊर्जा में सहयोग को भी मंज़ूरी दे दी है। भारत–स्पेन के बीच सहमति पत्र पर स्पेन में 30 मई, 2017 को हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत व ब्रिक्स देशों के बीच कृषि अनुसंधान को कैबिनेट की मंज़ूरी
